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Thursday, 25 July 2013

Best Solutions for उत्तराखंड पर्यटन - बटर त्यौहार बटर फेस्टिवल दूध की होली

 उत्तराखंड पर्यटन -दयारा बुग्याल बटरफेस्टिवल 

 

मेरे प्यारे दोस्तों मैं आज आपको एक बहुत ही बढ़िया उत्तराखंड पर्यटन के अंतर्गत आने वाले त्यौहार के बारे मैं बतान चाहता हूँ 

दोस्तों यह त्यौहार उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के अंतर्गत एक स्थान दयारा बुग्याल मैं दो दिन तक मनाया जाता हैं यह त्यॊहार अगस्त या सितम्बर महीने मैं अत हैं


"Celebrated in the month of august during the monsoons it showcase the richness of the Garhwali culture."

दयारा बुग्याल एक उची जगह पर स्थित है जहां पर यह त्यौहार मनाया जाता इस त्यौहार के मुख्य बात यह है मरे दोस्तों के इसमें सभी लोग एक दुसरे पर दूध दही तथा माखन डालते है इस त्यौहार के यही खासियत मेरे दोस्तों के आप इस त्यौहार मैं रगों की होली न खेलकर सभी दूध दही तथा माखन से होली खेलते है और ये त्यौहार दो दिन तह चलता है 
उत्तराखंड पर्यटन


"The festival provides a wonderful opportunity to a traveler to see experiences the unique culture of Uttatrakhand .The festival allows everyone to enjoy the butter in a way that one wouldn’t have imagine. Smearing on the faces and throwing on your companion. It’s is just an out of the world experience that one should not miss if you plan to travel to Uttarakhand"

दोस्तों एक और बात मैं आपको यहाँ पर  चाहता हूँ की उत्तराखंड पर्यटन के अंतर्गत इस त्यौहार का प्रमोशन रैथल गाँव के लोगो द्वारा बनायीं एक समिति "द्यर पर्यटन समिति" द्वारा किया जाता है
पर्यटक यहाँ पर गढ़वाल मंडल द्वारा बनाये विश्राम घर (रेस्ट हाउस) मैं रूक सकते हैं और जयादा जानकारी के लिए आप यहाँ पर गढ़वाल मंडल के वेबसाइट पर क्लिक करे

यहाँ पर उत्तराखंड के कल्चरल फोक न्रत्य का भे आनंद उठा सकते है और यहाँ के वातावरण मैं आप इस तरह से खो जायेंगे की आपको लगेगा स्वयं राधा कृस्न रासलीला कर रहे हो

उत्तराखंड पर्यटन


"The butter smeared faces of the people will be a sight to behold and the singing of the villagers echoed through the lush green surroundings! Anduri is also celebrated to thank Krishna for protecting the cattle from evil forces while they are grazing in the open meadows of Dayara. It is also celebrated to mark the occasion of Krishna’s lifting of Govardhan Parbat to crush the ego of Indra.The traditional ‘Raso’ group dance by villagers will be another highlight. The vibrant mood of the people singing in local dialects accompanied with folk music will be a treat to Watch."



दोस्तों मेरा मानना है की उत्तराखंड पर्यटन को इस तरह के त्योहारो को बढ़ावा देना चाहिए जिससे यह गढ़वाली कल्चर के बारे मैं इस दुनिया के सामने आ सके तथा लोगो को पता चल सके के इस तरह के त्यौहार और रोमांचक त्यौहार भे मनाये जाते है इस त्यौहार की एक और मान्यता है दोस्तों।



Anduri is also celebrated to thank Krishna for protecting the cattle from evil forces while they are grazing in the open meadows of Dayara. It is also celebrated to mark the occasion of Krishna’s lifting of Govardhan Parbat to crush the ego of Indra
 धन्यवाद दोस्तों 
चन्दन सिंह 

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